बॉलीवुड की नई शूटिंग डेस्टिनेशन बना उत्तराखंड, सरकार दे रही करोड़ों की सब्सिडी

नैनीताल. देवभूमि उत्तराखंड अब केवल आध्यात्म और प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से फिल्म और वेब सीरीज़ इंडस्ट्री का पसंदीदा शूटिंग हब बनता जा रहा है. बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियां, शांत झीलें, घने जंगल और आध्यात्मिक माहौल फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं. यही कारण है कि ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी जैसे क्षेत्रों में लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग बढ़ रही है.

 

इस बदलाव के पीछे राज्य सरकार की फिल्म-फ्रेंडली पॉलिसी अहम भूमिका निभा रही है. सरकार फिल्मों, वेब सीरीज़, शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री के लिए करोड़ों रुपये तक की सब्सिडी दे रही है. साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए शूटिंग परमिशन की प्रक्रिया आसान होने से फिल्म यूनिट्स को बड़ी राहत मिली है. अब देश-विदेश के निर्माता ऑनलाइन आवेदन कर कम समय में अनुमति प्राप्त कर सकते हैं.

 

75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही सरकार

फिल्म शूटिंग बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ मिल रहा है. होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवाएं, स्थानीय गाइड, तकनीशियन और कलाकारों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. मूल रूप से नैनीताल के भवाली निवासी और मुंबई में कार्यरत अभिनेता जतिन पांडे बताते हैं कि उनकी कंपनी Just Imagien Films के माध्यम से अब तक करीब 10 फिल्म प्रोजेक्ट्स उत्तराखंड में शूट हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को काम मिला है और पहाड़ में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं. फिल्म नीति के तहत यदि कोई निर्माता 75 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखंड में करता है तो उसे 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है. स्थानीय कलाकार को लीड रोल देने और किसी नए पर्यटन स्थल को फिल्म में दिखाने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलता है. साथ ही गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं की फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तक कर दी गई है. सरकार को उम्मीद है कि फिल्मों के जरिए उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.

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