Nainital News: नैनीझील को मिलेगा नया जीवन! 38 करोड़ से होगी दीवारों की मरम्मत, 2400 मीटर दायरे में शुरू होगा मेगा प्रोजेक्ट

नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल की पहचान और शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली नैनी झील के संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. झील किनारे वर्षों से कमजोर हो चुकी सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से मेगा प्रोजेक्ट जल्द शुरू होने जा रहा है. लोग इसे केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि झील और शहर की सुरक्षा से जुड़ी दीर्घकालिक योजना मान रहे हैं.

 

दरअसल, समय के साथ झील की परिधि पर बनी कई रिटेनिंग वॉल जर्जर हो चुकी थीं. जगह-जगह दरारें, पत्थरों का खिसकना और पानी के दबाव से रिसाव की आशंका लगातार बढ़ रही थी. कुछ समय पहले लोअर माल रोड का हिस्सा धंसने की घटना ने खतरे की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया था. इसके बाद सिंचाई विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी, जिसे मंजूरी मिलने के बाद अब धरातल पर उतारने की तैयारी है.

 

2400 मीटर दायरे में किया जाएगा काम

सिंचाई विभाग की इस परियोजना के तहत झील के किनारे करीब 2400 मीटर लंबाई में मरम्मत और नए निर्माण का कार्य किया जाएगा. इसमें पत्थर चिनाई, रिटेनिंग वॉल का पुनर्निर्माण, दरारों की मरम्मत और अलग-अलग स्थानों की भौगोलिक स्थिति के अनुसार वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार हर हिस्से की मिट्टी, ढलान और जल दबाव अलग है, इसलिए निर्माण कार्य भी उसी आधार पर किया जाएगा.

 

नालों की भी की जाएगी सफाई

इस योजना का एक अहम भाग झील के ड्रेनेज सिस्टम का सुधार भी है. झील में गाद और कचरा पहुंचाने वाले नालों की सफाई और पुनर्व्यवस्था की जाएगी ताकि बरसात में बहकर आने वाली मिट्टी सीधे झील में न पहुंचे. इससे जल गुणवत्ता बेहतर रहेगी और झील की गहराई भी लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहेगी. और करीब दो साल में चरणबद्ध तरीके से यह काम पूरा किया जाएगा, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित न हों. परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल झील का अस्तित्व सुरक्षित होगा, बल्कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही भी पहले से अधिक सुरक्षित हो सकेगी.

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