नैनीताल. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब ऊर्जा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है. ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालातों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 13 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया. यह बढ़ोतरी बीते चार वर्षों में सबसे तेज मानी जा रही है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस तेजी का असर देशभर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है. हालांकि, उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल से फिलहाल राहत भरी खबर है. यहां 2 मार्च 2026 को पेट्रोल की कीमत 93.42 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि डीजल 88.12 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहा, स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत मिली है.
नैनीताल में फिलहाल दाम स्थिर
नैनीताल के मल्लीताल और सुखताल स्थित पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, त्योहारों के मौसम में ईंधन की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में उपभोक्ताओं को टंकी फुल कराने से पहले ताजा दर जरूर जांच लेनी चाहिए. वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का असर कभी भी स्थानीय कीमतों पर पड़ सकता है. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में भी दबाव बढ़ सकता है. भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र व राज्य सरकारों के कर, रिफाइनिंग लागत और डीलर कमीशन जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं. उल्लेखनीय है कि पेट्रोल-डीजल अभी जीएसटी के दायरे में नहीं आते. फिलहाल नैनीताल में ईंधन दरों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बाजार पर सभी की नजरें टिकी हैं. उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे रोजाना अपडेटेड रेट चेक करते रहें, ताकि किसी भी संभावित बढ़ोतरी से पहले अपनी योजना बना सकें.