Nainital News: खिलाड़ी तैयार… लेकिन वर्चस्व की लड़ाई ने रोक दिया मैच

नैनीताल. उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में खेल प्रतिभाओं को मंच देने वाली एक अहम क्रिकेट प्रतियोगिता प्रशासनिक वर्चस्व की लड़ाई में उलझकर फिलहाल अधर में लटक गई है. नैनीताल के ऐतिहासिक डीएसए मैदान में प्रस्तावित इस क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई थीं. मैदान तैयार था, पिच का निर्माण हो चुका था और जिले भर से 32 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण करा चुकी थीं. बावजूद इसके नगरपालिका, डीएसए और खेल विभाग के बीच तालमेल की कमी के चलते प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही रुक गई.

 

सोमवार को खेल विभाग द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने पूरे मामले पर विभाग का पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि खेल विभाग ने शासन के निर्देशों के तहत प्रतियोगिता आयोजित करने की पूरी तैयारी की थी. टूर्नामेंट को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया था, ताकि युवा खिलाड़ियों को आर्थिक बोझ न उठाना पड़े. खिलाड़ियों को रिफ्रेशमेंट, खेल सामग्री, पुरस्कार और प्रमाण पत्र देने की जिम्मेदारी भी खेल विभाग ने स्वयं ली थी.

 

खेल विभाग ने लगाया नगरपालिका पर आरोप

 

खेल विभाग का आरोप है कि टूर्नामेंट की तिथि नजदीक आने पर नगरपालिका की ओर से पहले पृथ्वीराज कप कराने की बात सामने आई. इस पर उपजिलाधिकारी, स्थानीय विधायक और पालिकाध्यक्ष की मध्यस्थता से यह सहमति बनी कि प्रतियोगिता खेल विभाग, डीएसए और नगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में कराई जाएगी. खेल विभाग ने इस प्रस्ताव पर तत्काल सहमति जताई, लेकिन बाद में नगरपालिका और डीएसए की ओर से संयुक्त आयोजन से इनकार कर दिया गया. खेल विभाग ने साफ किया है कि वह किसी भी तरह के विवाद से दूर रहकर केवल खिलाड़ियों के हित में प्रतियोगिता कराना चाहता है. विभाग अब भी तीनों संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजन के लिए तैयार है. विभाग का कहना है कि डीएसए द्वारा पूर्व में आयोजित ट्रेड्स कप, लैंडोलीग, रामपुर कप और पृथ्वीराज कप जैसे टूर्नामेंटों में भी खेल विभाग शासनादेश के अनुसार सहयोग करता आया है और आगे भी करेगा.

 

पालिका को नहीं मिला कोई प्रस्ताव

वहीं, पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने कहा कि खेल विभाग की प्रेस वार्ता की उन्हें जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि अब तक नगरपालिका को कोई औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है. पालिकाध्यक्ष ने आपसी समन्वय की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी विभागों को आपस में संवाद बनाकर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना चाहिए. फिलहाल डीएसए मैदान में होने वाली यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों से ज्यादा विभागीय खींचतान का शिकार बनती नजर आ रही है.

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