चमोली. उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है और यहां के लोगों की देवी-देवताओं पर अटूट आस्था ही है, जो इस पहाड़ी राज्य को देवभूमि के तौर पर दुनियाभर में पेश करती है. इसी का एक उदाहरण चमोली जिले में देखने को मिला. वैसे तो प्रदेश में इस सीजन में अब तक न के बराबर बारिश और बर्फबारी हुई है, जिसकी वजह से सूखे का संकट पनपता जा रहा है. इस संकट से मुक्ति के लिए चमोली जिले की ग्राम पंचायत वाण में देवी-देवताओं से प्रार्थना की गई. मां नंदा देवी और लाटू देवता से गांववालों ने सामूहिक रूप से बारिश और बर्फबारी के लिए मनोकामना मांगी.
ग्रामीणों ने मिलकर मां नंदा देवी और लाटू देवता का अनुष्ठान किया. उन्होंने एक हफ्ते के भीतर बारिश और बर्फबारी की मन्नत मांगी. इस दौरान सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि अगर एक हफ्ते के अंदर बारिश और बर्फबारी नहीं होती है, तो सभी गांव वाले लाटू देवता के मंदिर जाकर बारिश-बर्फबारी होने तक लगातार ध्यान और तप करेंगे.
फसलों को भी नुकसान
स्थानीय निवासी मोहन ने कहा कि इस सीजन में जिले में बारिश न होने से सूखे का संकट बढ़ रहा है. पानी न गिरने से फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है. इसी के मद्देनजर हमने मां नंदा और लाटू देवता की पूजा-अर्चना की. उनसे बारिश और बर्फबारी की प्रार्थना की. अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं होती है, तो हम सभी लाटू देवता मंदिर जाकर तब तक ध्यान और साधना करेंगे, जब तक बारिश नहीं हो जाती.