अल्मोड़ा. उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला धर्मेंद्र बिष्ट नौकरी के लिए मॉरीशस गया था. धर्मेंद्र 27 सितंबर से लापता है. परिजनों को आशंका है कि उसके साथ कुछ अनहोनी हुई है. परिवार ने उत्तराखंड और भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है. धर्मेंद्र के परिजन अल्मोड़ा के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा से मिले. जिसके बाद मंत्री ने विदेश मंत्रालय और मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.
मिली जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र बिष्ट अल्मोड़ा जिले की द्वाराहाट तहसील के कुंथाड़ी गांव का रहने वाला है. वह पिछले साल मार्च में मॉरीशस गया था. वह मोका स्थित बागाटेला मॉल के थाई फूड गैंग रेस्टोरेंट में सीनियर मैनेजर के पद पर नौकरी कर रहा था. धर्मेंद्र की बहन हेमा रौतेला ने बताया कि 28 सितंबर को उनके पति के पास मॉरीशस से फोन आया कि धर्मेंद्र 27 सितंबर की शाम लगभग पांच बजे से लापता है. धर्मेंद्र ने उस दिन छुट्टी नहीं ली थी और न ही रेस्टोरेंट में छुट्टी के बारे में कुछ बताया था.
शक के घेरे में चार युवक
हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र जब अपने कमरे में था, तभी चार युवक उससे मिलने पहुंचे थे. वे युवक उसे अपने साथ मॉरीशस के पॉइंट नैचुरल नामक समुद्र तट पर ले गए. परिवार ने जिन चार लोगों का जिक्र किया है, उनके नाम आयुष बिष्ट, गौरव मेहता, राहुल राणा और भूपेंद्र राणा हैं. धर्मेंद्र इनमें से सिर्फ आयुष को जानता था. अन्य तीन युवकों से वह परिचित नहीं था. परिवार का दावा है कि धर्मेंद्र के लापता होने के बाद उसका मोबाइल और कपड़े आयुष के पास मिले. परिवार ने पूछा कि अगर धर्मेंद्र के साथ कोई हादसा हुआ या वह समुद्र में डूब गया, तो उसका सामान आयुष के पास कैसे पहुंचा.
रेस्टोरेंट मैनेजमेंट नहीं कर रहा मदद
धर्मेंद्र के परिजनों ने रेस्टोरेंट मैनेजमेंट पर भी मदद नहीं करने का आरोप लगाया है. हेमा ने कहा कि रेस्टोरेंट के मालिक रोमी और सैंडी उनके परिवार को स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं. परिवार ने रेस्टोरेंट के दूसरे मैनेजर हिमांशु बिष्ट पर भी आरोप लगाया है कि वह चारों युवकों का पक्ष ले रहा है. इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि इस मामले में मॉरीशस पुलिस क्या कर रही है. परिवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
भारतीय उच्चायोग को पत्र भेजा: केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने इस मामले में विदेश मंत्रालय और मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है. मंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र के परिजनों ने उनसे संपर्क कर मॉरीशस में उसके लापता होने और अन्य परिस्थितियों की जानकारी दी थी. इसके बाद उनके कार्यालय ने विदेश मंत्रालय को ऑफिशियल ईमेल और पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया. उन्होंने नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा से भी बात की है और व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा है. धर्मेंद्र बिष्ट की तलाश में किसी तरह की ढिलाई नहीं होने देंगे. अगर मामले में आपराधिक षड्यंत्र या अन्य कोई आपराधिक पहलू सामने आता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा. केंद्र सरकार पीड़ित परिवार के संपर्क में है. परिवार की हर संभव मदद की जा रही है.






