नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल शनिवार को नंदाष्टमी के पावन पर्व पर पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगी नजर आई. मां नंदा-सुनंदा की ईको-फ्रेंडली मूर्तियों की ब्रह्ममुहूर्त में विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई. इसके बाद मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए. प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. मां नयना देवी मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए.
वैदिक मंत्रोच्चार, घंटियों और धार्मिक वातावरण के बीच मां नंदा-सुनंदा का पूजन किया गया. श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगलकामना की. मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं को प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री से तैयार किया गया है. नंदाष्टमी के मौके पर नैनीताल में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई और मंदिर परिसर के आसपास उत्सव जैसा माहौल नजर आया.
23 सितंबर को नगर भ्रमण पर निकलेंगी मां नंदा-सुनंदा
124वें नंदा देवी महोत्सव के तहत नैनीताल में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला भी जारी है. महोत्सव 23 सितंबर तक चलेगा. आने वाले दिनों में दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन, कन्या पूजन, महाभंडारा, सुंदरकांड और नंदा चालीसा पाठ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा का डोला नगर भ्रमण पर निकलेगा. नंदाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं. उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी पुष्कर सिंह धामी को राज्य का मुख्यमंत्री और यशपाल आर्य को बाजपुर से विधायक दर्ज करती है. नंदाष्टमी के इस पावन अवसर पर नैनीताल में धार्मिक आस्था, कुमाऊंनी संस्कृति और लोक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है.






