Nainital News: सर्दियों में भी खाली होती नैनीझील, गिरता जलस्तर बना शहर के लिए बड़ा खतरा

Nainital News: सर्दियों में भी खाली होती नैनीझील, गिरता जलस्तर बना शहर के लिए बड़ा खतरा

by Unfiltered Uttarakhand Desk
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नैनीताल. उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल की पहचान मानी जाने वाली नैनीझील इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है. सर्दियों के मौसम में आमतौर पर स्थिर रहने वाला झील का जलस्तर इस बार लगातार गिर रहा है, जिसने प्रशासन, पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वर्ष 2026 में नैनीझील का जलस्तर बीते पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है, जो आने वाले समय के लिए खतरे का संकेत माना जा रहा है.

आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते कुछ वर्षों में झील का जलस्तर लगातार नए निचले स्तर को छूता जा रहा है. सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ललित कश्यप के अनुसार वर्ष 2022 में नैनीझील का जलस्तर 9 फीट 33 इंच रिकॉर्ड किया गया था. इसके बाद 2023 में यह घटकर 7 फीट 83 इंच रह गया. वर्ष 2024 और 2025 में भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ और जलस्तर 7 फीट 6 इंच तक सीमित रहा. वर्ष 2026 में यह और गिरकर लगभग 7 फीट पर पहुंच गया है, जो साफ तौर पर झील के लगातार कमजोर होते प्राकृतिक संतुलन की ओर इशारा करता है.

 

मौसम है मुख्य वजह

 

झील के सूखने की सबसे बड़ी वजह मौसम में हो रहा बदलाव है. इस बार न तो समय पर बारिश हुई और न ही पर्याप्त बर्फबारी देखने को मिली. शीतकालीन वर्षा और हिमपात ही नैनीझील के रिचार्ज का मुख्य स्रोत होते हैं, लेकिन इनके अभाव में झील से जुड़े नाले, धाराएं और भूमिगत जल स्रोत कमजोर पड़ गए हैं. इसका सीधा असर झील के जलस्तर पर पड़ रहा है. झील का जलस्तर घटने से सिर्फ पानी की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी खतरा मंडराने लगा है. जलस्तर कम होने से जलीय जीव-जंतुओं का जीवन प्रभावित हो सकता है और झील का पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है. यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले वर्षों में नैनीझील की जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता दोनों खतरे में पड़ सकती हैं.

 

पर्यावरण की दृष्टि से चिंताजनक

 

पर्यटन की दृष्टि से भी यह स्थिति चिंताजनक है. नैनीताल का पर्यटन पूरी तरह नैनीझील पर निर्भर है. नौकायन और झील किनारे की गतिविधियां ही पर्यटकों का मुख्य आकर्षण हैं. आने वाला पर्यटन सीजन नजदीक है और यदि झील का जलस्तर और गिरा, तो इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार और शहर की पेयजल व्यवस्था पर पड़ सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बारिश और बर्फबारी नहीं हुई, तो नैनीताल को आने वाले दिनों में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है.

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