नैनीताल. उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी बांध झील पर शनिवार को पैराग्लाइडिंग के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. हवा के अचानक बदलते रुख के कारण पैराग्लाइडिंग कर रहे दो पैराग्लाइडर हवा में संतुलन खो बैठे और सीधे झील में जा गिरे. यह घटना बेहद खतरनाक हो सकती थी, लेकिन मौके पर पहले से तैनात SDRF की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दोनों की जान बच गई.
घटना उस समय हुई जब टिहरी झील क्षेत्र में नियमित रूप से पैराग्लाइडिंग गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. अचानक तेज हवा चलने से दोनों पैराग्लाइडर अपने उपकरणों पर नियंत्रण नहीं रख पाए. कुछ ही सेकंड में वे हवा में डगमगाते हुए झील की ओर गिरते दिखाई दिए. इस दृश्य को देखकर झील किनारे मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
सुरक्षित बाहर निकाले गए पायलट
हादसे की सूचना मिलते ही झील के पास तैनात SDRF की टीम ने बिना किसी देरी के रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. SDRF के जवान तुरंत बोट के जरिए झील में उतरे और दोनों पैराग्लाइडरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. राहत की बात यह रही कि दोनों पैराग्लाइडरों को किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई और उन्हें प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित बताया गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पैराग्लाइडर झील की जगह आसपास की ऊंची और पथरीली पहाड़ियों पर गिरते तो हादसा जानलेवा साबित हो सकता था. टिहरी झील के चारों ओर मौजूद पहाड़ियां काफी खतरनाक हैं, जहां गिरने की स्थिति में बचने की संभावना बेहद कम रहती है. ऐसे में झील में गिरना और मौके पर SDRF की मौजूदगी दोनों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई. घटना की तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हवा में ही पैराग्लाइडरों का संतुलन बिगड़ गया था. इस घटना ने एक बार फिर साहसिक पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों और मौसम की सटीक जानकारी की जरूरत को उजागर कर दिया है. हालांकि SDRF की तत्परता, प्रशिक्षण और त्वरित रेस्क्यू ने यह साबित कर दिया कि सतर्कता से बड़े हादसों को टाला जा सकता है.