नैनीताल. उत्तराखंड की पहाड़ी राजनीति में एक नया नाम तेजी से उभर रहा है. भवाली के सामाजिक कार्यकर्ता और चर्चित युवा चेहरे शीलू कुमार ने नैनीताल विधानसभा की सियासत में बड़ा सियासी संदेश दे दिया है. नैनीताल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान शीलू कुमार ने “विधानसभा सम्मेलन 2027” की औपचारिक घोषणा कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी.
शीलू कुमार ने बताया कि 16 फरवरी 2027 को बेतालघाट मिनी स्टेडियम में एक विशाल महा जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसे वे “युवा क्रांति का मंच” बता रहे हैं. इस सम्मेलन में 4 से 5 हजार युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों के जुटने का अनुमान है. सम्मेलन का उद्देश्य केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता के सामने एक वैकल्पिक और स्पष्ट राजनीतिक विजन रखना है.
जनता के भरोसे के साथ उतरेंगे चुनावी मैदान में
उन्होंने कहा कि आज की राजनीति को नई सोच, ईमानदारी और जमीनी जुड़ाव की जरूरत है. उनका दावा है कि यह सम्मेलन युवाओं और आम जनता की आवाज को मंच देगा. सम्मेलन के दौरान निशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा, जिससे सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया जाएगा. पत्रकार वार्ता में शीलू कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी एक व्यक्ति की राजनीति में विश्वास नहीं रखते. सभी अहम फैसले कोर टीम के साथ सामूहिक रूप से लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन, स्पष्ट रणनीति और जनता के भरोसे के साथ वे चुनावी मैदान में उतरेंगे. शीलू कुमार के इस ऐलान के बाद नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में बड़े राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है. स्थानीय स्तर पर युवाओं में उनके प्रति खासा उत्साह देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शीलू कुमार युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं को संगठित करने में सफल रहते हैं, तो आगामी विधानसभा चुनाव में समीकरण बदल सकते हैं. पत्रकार वार्ता के दौरान पवन रावत, प्रदीप आर्या, मनीष, अभिषेक, विनय गोस्वामी सहित कई समर्थक मौजूद रहे. अब सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या शीलू कुमार नैनीताल की राजनीति में युवाओं का नया चेहरा बन पाएंगे, या यह सियासी प्रयोग बड़े दलों के लिए केवल चेतावनी बनकर रह जाएगा? जवाब आने वाले समय में मिलेगा, लेकिन इतना तय है कि नैनीताल की सियासत में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है.