नैनीताल. नगर के प्रमुख पर्यटक स्थल नयना देवी बर्ड सेंचुरी में रविवार को एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें दो पिकअप वाहनों से अधिक कचरा एकत्र कर क्षेत्र को साफ किया गया. नैनीताल–पंगोट मार्ग पर स्थित यह संरक्षण क्षेत्र हिमालयी पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियों का महत्वपूर्ण आवास है, लेकिन हाल के दिनों में यहाँ बढ़ते प्लास्टिक और शराब की बोतलों जैसे कचरे ने चिंता बढ़ा दी थी.
स्वयंसेवकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह क्षेत्र कोई पिकनिक स्पॉट या कूड़ादान नहीं, बल्कि पक्षियों का संरक्षित घर है. यदि समय रहते कचरा फैलाने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे क्षेत्र की जैव-विविधता, वन्यजीवन और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है.
पर्यावरण बचाने की अपील
अभियान के दौरान नैनीताल और पंगोट के बीच स्थित दो प्रमुख बैठने वाले स्थानों की विशेष रूप से सफाई की गई. यहाँ से चिप्स के रैपर, प्लास्टिक की बोतलें, बीयर और शराब की खाली बोतलें तथा तंबाकू से संबंधित कचरा बड़ी मात्रा में मिला. स्वयंसेवकों ने बताया कि कुल मिलाकर दो से अधिक पिकअप वाहनों के बराबर कचरा हटाया गया, जो इस बात का संकेत है कि पर्यटक और कुछ स्थानीय लोग अब भी जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं. इस अभियान में गौरव (स्टोन एज हट्स), गीतांजलि (ओडियार स्टेज़) और बीडीसी सदस्य दीप आर्य ने प्रमुख भूमिका निभाई. इनके साथ ही शुभम, लकी, आनंद, हिमांशु तथा वन विभाग की पूरी टीम ने मिलकर श्रमदान किया. अभियान के अंत में सभी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे ‘कैरी इन, कैरी आउट’ नियम अपनाएं, यानी जो भी सामान साथ लाएं, उसका कचरा वापस ले जाएं.