नैनीताल. उत्तराखंड की इंफ्लूएंसर ज्योति अधिकारी को नैनीताल हाईकोर्ट से राहत मिली है. हाईकोर्ट ने पांच मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है. अदालत ने ज्योति अधिकारी को आदेश दिया है कि वह केस से संबंधित वीडियो को अपने सोशल अकाउंट्स से हटाएं और जांच में सहयोग करें. वहीं कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्तों में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. ज्योति अधिकारी पर अलग-अलग जिलों में कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं. दो मामलों में उन्हें 6 दिन जेल में भी रहना पड़ा था.
ज्योति के वकील सौरभ अधिकारी ने कहा कि ज्योति अधिकारी के खिलाफ 7 FIR दर्ज हुई हैं. दो केस में वह 6 दिन जेल में रहीं. उन मामलों में उन्हें हल्द्वानी कोर्ट से जमानत मिली. हमने उच्च न्यायालय में पांच याचिकाएं दाखिल की थीं. याचिकाएं उनकी गिरफ्तारी पर रोक को लेकर फाइल की गई थीं. हाईकोर्ट ने हमें और सरकार के अधिवक्ता को सुना और इसके बाद हमें स्टे मिल गया. कोर्ट ने सरकारी वकील को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं.
क्या है मामला?
ज्योति अधिकारी पर सार्वजनिक स्थान पर दरांती लहराने को लेकर आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है. वहीं देवी-देवताओं का अपमान करते हुए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में भी उनपर केस दर्ज हुए हैं. जूही चुफाल नाम की महिला ने ज्योति के खिलाफ हल्द्वानी के मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. इसी मामले में उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई और फिर गिरफ्तार कर रात में ही उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था. इस केस में उन्हें हल्द्वानी कोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन खटीमा में दर्ज मामले के चलते उनकी रिहाई नहीं हो पाई थी. ज्योति की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया दो धड़े में बंटता हुआ नजर आया था. एक वर्ग उन्हें गिरफ्तार किए जाने का विरोध जता रहा था, तो दूसरा वर्ग ज्योति की गिरफ्तारी को सही बता रहा था.